DCR Verification Portal: डीसीआर पैनल वेरिफिकेशन कैसे चेक करें?

भारत में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और इसके पीछे सरकार की कई योजनाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। PM Suryaghar: Muft Bijli Yojana, PM-KUSUM Scheme और CPSU Scheme जैसी योजनाओं के तहत लोगों को सब्सिडी मिल रही है। लेकिन इन योजनाओं का फायदा तभी मिलता है जब आपका सोलर पैनल Domestic Content Requirement यानी DCR के नियमों के अनुसार बना हो।

how to check dcr panel Verification

DCR का मतलब होता है कि सोलर पैनल में इस्तेमाल होने वाले सेल और मॉड्यूल भारत में ही बने हों। आसान भाषा में समझें तो यह “Made in India” सोलर पैनल की गारंटी है। लेकिन बाजार में कई बार इंपोर्टेड या फेक पैनल भी बेच दिए जाते हैं, जिससे आम लोगों को नुकसान उठाना पड़ता है।

इसी समस्या को खत्म करने के लिए Ministry of New and Renewable Energy के अंतर्गत National Institute of Solar Energy ने DCR Verification Portal लॉन्च किया है। इस पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट https://solardcrportal.nise.res.in/ है, जहां आप आसानी से अपने सोलर पैनल की जांच कर सकते हैं।

लेटेस्ट अपडेट (मार्च 2026 तक)

दिसंबर 2024 से सरकार ने यह नियम लागू कर दिया है कि सभी योजनाओं में वही सोलर पैनल मान्य होंगे जिनकी DCR जानकारी इस पोर्टल पर उपलब्ध हो। 2025 में इसे नेशनल पोर्टल से जोड़ दिया गया है जिससे सब्सिडी क्लेम करना और आसान हो गया है।

आज की स्थिति में इस पोर्टल पर 19,000 मेगावाट से ज्यादा सोलर मॉड्यूल्स रजिस्टर हो चुके हैं। इसका मतलब है कि अब यह सिस्टम पूरी तरह से भरोसेमंद बन चुका है।

आम आदमी को DCR चेक क्यों करना चाहिए?

अगर आप सोलर पैनल लगवाने जा रहे हैं तो यह चेक करना बहुत जरूरी है। इससे आपको पता चल जाता है कि आपको सब्सिडी मिलेगी या नहीं। इसके अलावा आप फेक पैनल से बच सकते हैं और आपको सही वॉरंटी और परफॉर्मेंस की गारंटी मिलती है।

इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप पूरे मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस को देख सकते हैं। इसमें wafer से लेकर cell और फिर module बनने तक की पूरी जानकारी होती है। यहां wafer का मतलब होता है सिलिकॉन की पतली प्लेट जिससे सोलर सेल बनता है, और module का मतलब होता है कई सेल मिलकर बना पूरा पैनल।

स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस: डीसीआर पैनल वेरिफिकेशन कैसे चेक करें

  1. कोई भी आम आदमी सिर्फ 2 मिनट में यह चेक कर सकता है और इसके लिए किसी लॉगिन की जरूरत नहीं होती।
  2. सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउजर में https://solardcrportal.nise.res.in/ खोलें। इसके बाद होमपेज पर आपको DCR Verification का ऑप्शन दिखाई देगा।
  3. अब इस ऑप्शन पर क्लिक करें और नए पेज पर जाएं। यहां आपको दो तरीके मिलेंगे। पहला है Certificate Number और दूसरा है Panel Number।
  4. अगर आपके पास DCR सर्टिफिकेट है तो उसका नंबर डालें। अगर सर्टिफिकेट नहीं है तो पैनल के पीछे लिखा सीरियल नंबर डालें। यह नंबर आमतौर पर 12 से 16 अंकों का होता है।
  5. अब Verify या Search बटन पर क्लिक करें।
  6. अगर आपका पैनल सही है तो स्क्रीन पर पूरी जानकारी दिख जाएगी। इसमें Status (Claimed या Unclaimed), मैन्युफैक्चरिंग डिटेल्स, सेल से मॉड्यूल कन्वर्जन, सेलर का नाम और इनवॉइस की जानकारी शामिल होती है।
  7. अगर रिजल्ट में “Invalid” या “Not Found” आता है तो इसका मतलब है कि पैनल DCR अप्रूव्ड नहीं है और आपको सावधान रहने की जरूरत है।
  8. आप चाहें तो QR कोड के जरिए भी चेक कर सकते हैं। आजकल कई पैनल पर QR कोड दिया होता है जिसे स्कैन करते ही आप सीधे वेरिफिकेशन पेज पर पहुंच जाते हैं।
  9. अंत में आप रिजल्ट का स्क्रीनशॉट या PDF सेव कर सकते हैं ताकि भविष्य में सब्सिडी क्लेम करते समय कोई समस्या न हो।

वेंडर के लिए: DCR Certificate कैसे Generate करें?

अगर आप एक वेंडर हैं, यानी पैनल बेचने का काम करते हैं और आप cutomer के लिए DCR Certificate Generate करना  तो आपके लिए यह प्रोसेस थोड़ा अलग होता है। आपको सबसे पहले इसी  पोर्टल पर अपनी कंपनी रजिस्टर करनी होती है।

  1. रजिस्ट्रेशन के लिए आपको कंपनी का नाम, PAN नंबर, एड्रेस और एडमिन की डिटेल्स भरनी होती हैं। इसके बाद OTP वेरिफिकेशन होता है और अप्रूवल मिलने पर लॉगिन आईडी मिल जाती है।
  2. लॉगिन करने के बाद सबसे जरूरी काम होता है DCR क्रेडिट क्लेम करना। इसका मतलब होता है कि जो पैनल आपने खरीदे हैं, उन्हें अपने स्टॉक में दिखाना। इसके लिए आपको upstream seller से मिला DCR नंबर डालना होता है।
  3. इसके बाद आपको कस्टमर की जानकारी जोड़नी होती है। जब आप पैनल बेचने के लिए तैयार हों तो DCR Sell सेक्शन में जाकर पूरी जानकारी भरें जैसे Invoice Number, पैनल सीरियल नंबर और कस्टमर की डिटेल्स।
  4. जब आप सारी जानकारी सही तरीके से भर देते हैं तो सिस्टम एक 16 अंकों का DCR Certificate Number जनरेट करता है और साथ में QR कोड भी देता है। यही सर्टिफिकेट कस्टमर को देना होता है।
  5. यह ध्यान रखना जरूरी है कि एक बार सर्टिफिकेट जनरेट हो जाने के बाद उसे बदला नहीं जा सकता।

जरूरी टिप्स

हमेशा पैनल खरीदने से पहले उसका वेरिफिकेशन जरूर करें। अगर रिजल्ट नहीं आता है तो नंबर को दोबारा चेक करें क्योंकि छोटी सी गलती भी रिजल्ट को प्रभावित कर सकती है।

अगर कोई समस्या आती है तो आप पोर्टल के सपोर्ट नंबर 079489 85371 या ईमेल support@dcrverificationportal.com पर संपर्क कर सकते हैं।

निष्कर्ष

DCR Verification Portal सोलर इंडस्ट्री में पारदर्शिता लाने की एक बड़ी पहल है। आज के समय में जब सोलर सिस्टम पर लाखों रुपये की सब्सिडी मिल रही है, तो बिना जांच के पैनल खरीदना एक बड़ा जोखिम हो सकता है।

सिर्फ 2 से 3 मिनट का समय देकर आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका सोलर पैनल असली है और आपको सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा। इसलिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करें और सुरक्षित तरीके से सोलर में निवेश करें।

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